क़िस्मत के तराने

कितने दूर है, न जाने कहाँ है, मेरी क़िस्मत के तराने, किस गफ़लत में गुम है ।   न कोई आस, न उम्मीद में है, वो दूर कहीं ख़ुद ख़ाक में गुम है ।   एक प्यास जो इधर लिए बैठा हूँ, जिस तड़प में मन हिरण बन फिरता है ।   क्यूँ रात भी…

अब कहाँ विकट अँधेरे में

अब कहाँ विकट अँधेरे में,
उजाले ढूंढ़ा करते हो ।
फिर आश बढ़ा उन लासों में,
इन्सानियत ढूंढ़ा करते हो ।
बुनियाद बानी थी फूसों की,
महलों को ताका करते हो ।
फिर आज घने अँधेरे में ,
राहों को देखा करते हो ।

महसूस होती है ।।

वो जो इश्क़ में महसूस होती थी,
है कहीं जो जल रही है,
महसूस होती है ।।

अपनी अदालत में खड़ी होकर,
अपनी सजा की गुहार लगाती,
एक तड़प की तपिश भी,
महसूस होती है ।।

वो अर्श से लेकर फ़र्श तक, बिखरने वाली मोहब्बत

आजा फिर करें एक बार, वो एक ड़ोर में बंधे, पास वाली मोहब्बत । बादलों से बरसने की, ग़ुज़ारिश वाली मोहब्बत । चिड़ियों से चहकने की, ख्वाहिश वाली मोहब्बत । वो शाम से ढलने की, ख़्वाहिसे वाली मोहब्बत । वो चाँद से चांदनी की, पूछने वाली मोहब्बत । वो अर्श से लेकर फ़र्श तक, बिखरने…

सोच

एक सोच क़हर है ढाने को, एक सोच है जीवन पाने को, लड़ना हर बात पर सोच है, एक सोच है प्यार फैलाने को । पत्थर की मूरत सोच है, मूरत, एक पत्थर, सोच । है सोच के अब तू हार गया, एक सोच है हारा पाने को ।। दिन का होना एक सोच है,…

यादें तेरी लाया हूँ

राहों के सुखे फूल सही, मैं तेरे लिए ही लाया हूँ । कुछ भूली बिसरी याद वही, मैं सब चुन चुन कर लाया हूँ । बीतें हर साल जो मिनटों -से, उनकी हर रात को लाया हूँ । सावन के झूलों की रस्सियां, डब्बे में भर कर लाया हूँ । नन्हे पावों की तेरी चप्पलें,…

समझौता

कर ही लेते है समझौता, कल का भी, आज का भी, और हमारे आने वाले कल का भी, बीते दिनों की यादें अब मेरी, आने वाले कल की खुशियाँ अब तेरी ।। कुछ सपने जो देखें थे, वो मेरे और शहनाईयों की गूँज, अब तेरी । तेरे किस्से सब मेरे, और मै अजनबी बन तेरा…

रौशनदान

रौशनदान से आती किरणे, सपनों से जगाती है, ये अन्वेषी आँखें, खड़ी हो रौशनदान को ताकती है, मेरा तन मिट्टी की सरोह में है, क्षमता से छिन्न हुँ, और लाचार बिना कदमों के, तंग जमाने के सूरते हाल को देखता हूँ, कभी नामवर को देखता हूँ , कभी यायावर को देखता हूँ । कभी खिड़कियों…

The prayer to be healed

The valley in the mountains, Let me breathe, I ran a lot, On the ups and down, For the love of others. In the search of cures, I fought, I ran, Now tired. Let me feel these, the sun, the flowers, the birds around, they heal, for sure, my lengthy and broken heart, in pieces…