मुसाफ़िर

ख़ुश्बू, ख़्वाब, ख़बर, या ख़त हो, कुछ तो रखकर भेज मुसाफ़िर। अब तक काली रात रही है, सुबह हुई पट खोल मुसाफ़िर।। Smell, dream, news, or a letter, Send something o’ traveler. It has been a dark night so far, Open the door it’s morning already.

जो चौखट लाँघ परिंदा

जो चौखट लाँघ परिंदा आज यहाँ से जाएगा, फिर झूठी-जूठी खाने को वापस न आने पाएगा, समय-समय जो आँखें खोले मूँद नहीं फिर पाएगा,

क़िस्मत के तराने

कितने दूर है, न जाने कहाँ है, मेरी क़िस्मत के तराने, किस गफ़लत में गुम है ।   न कोई आस, न उम्मीद में है, वो दूर कहीं ख़ुद ख़ाक में गुम है ।   एक प्यास जो इधर लिए बैठा हूँ, जिस तड़प में मन हिरण बन फिरता है ।   क्यूँ रात भी… Continue reading क़िस्मत के तराने

मृगतृष्णा

आग है, इक आग है, जो दर्द की हुँकार है, जलते जहाँ ग़म थे कभी, अब जल रहें इंसान है ।।

अब कहाँ विकट अँधेरे में

अब कहाँ विकट अँधेरे में,
उजाले ढूंढ़ा करते हो ।
फिर आश बढ़ा उन लासों में,
इन्सानियत ढूंढ़ा करते हो ।
बुनियाद बानी थी फूसों की,
महलों को ताका करते हो ।
फिर आज घने अँधेरे में ,
राहों को देखा करते हो ।

महसूस होती है ।।

वो जो इश्क़ में महसूस होती थी,
है कहीं जो जल रही है,
महसूस होती है ।।

अपनी अदालत में खड़ी होकर,
अपनी सजा की गुहार लगाती,
एक तड़प की तपिश भी,
महसूस होती है ।।

You’re loved

Love of two, you came to life, Love of almighty and love of hopes, One love of two individuals, you are. Your hearts is love, you're the love of your heart. This world loves you, with blessings, care and amenities it has. The trees, the roads, the house, your little room, loves you. The friends,… Continue reading You’re loved

वो अर्श से लेकर फ़र्श तक, बिखरने वाली मोहब्बत

आजा फिर करें एक बार, वो एक ड़ोर में बंधे, पास वाली मोहब्बत । बादलों से बरसने की, ग़ुज़ारिश वाली मोहब्बत । चिड़ियों से चहकने की, ख्वाहिश वाली मोहब्बत । वो शाम से ढलने की, ख़्वाहिसे वाली मोहब्बत । वो चाँद से चांदनी की, पूछने वाली मोहब्बत । वो अर्श से लेकर फ़र्श तक, बिखरने… Continue reading वो अर्श से लेकर फ़र्श तक, बिखरने वाली मोहब्बत