जो चौखट लाँघ परिंदा

जो चौखट लाँघ परिंदा आज यहाँ से जाएगा, फिर झूठी-जूठी खाने को वापस न आने पाएगा, समय-समय जो आँखें खोले मूँद नहीं फिर पाएगा,