उन तस्वीरों में कुछ रंग शायद बाक़ी-सा है

चल आज वहाँ हम जंग करें ।

आँखों में आँखे डाल कर,
सूरज से भी, गगन से भी,
नीर, अग्न, पवन से भी,
जहाँ मृत हमारी काया हो,
चल आज वहाँ हम जंग करें ।